20 से 25 परिवारों के लिए 25 लाख के आस-पास सरकार ने स्वीकृत की राशी, लेकिन फिर नही मिला पाया पानी, इस भीषण गर्मी में आज भी नदी, नालो, बावड़ीयो का गन्दा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण..
हरदा। जिले में में पीएचई की उदासीनता का खामियाजा लगातार ग्रामीण उठा रहे हैं, आप इस बात से अंदाजा लगा ले के मकड़ाई किले पर गिनती के 20 से 25 परिवार निवास करते हैं, सरकार ने उनके लिए 25 लाख के आसपास नलजल,जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत राशी स्वकृत कि लेकिन दुःख की बात तो यह है ,के जिस भी ठेकेदार को इसका ठेका दिया गया उसने पाइप लाइन तो जमीन में डाल दी लेकिन पानी की व्यवस्था नही कर पाया,जिसके चलते लोग पानी के लिए एक बावड़ी पर निर्भर है आज भी है, जो हेंडपंप है वह तो बन्द पड़े हैं।
वही इस विषय मे हमने ग्राम पंचायत सचिव से इसकी जानकारी ली तो उनका कहना था मुझे इसकी कुछ भी जानकारी नही है, ना तो मुझे पीएचई से कोई पत्र,जनकारी इस काम के विषय मे दी गई है और ना ही काम करने वाले ठेकेदार ने कोई जानकारी दी है,जब इस विषय मे पीएचई के जिम्मेदारों से बात की गई तो उनका बहाना वही रटा- रटाया था की हमने बोर किया था ,लेकिन पानी नही निकल पाया जिसके कारण योजना बन्द पड़ीं है,अब ऐसे में सवाल यह है ,कार्य चालू करने से पहले ही पानी का बोर करके यह निश्चित क्यो नही विभाग, ठेकेदार कर लेते हैं पानी की पर्याप्त मात्रा बोर में है या नही, काम के नाम पर शासन की राशी का बन्दर बाट क्यो किया जा रहा है।
सरकार का हर घर नल ,जल योजना का सपना यह साकर क्यो नही होने दे रहे, आधा अधूरा कार्य कर ग्राम पंचायतों को कैसे भी कर हैंडओवर कर ठेकेदार रफू चक्कर हो रहे हैं और इसका खामियाजा फिर ग्रामीण उठाते रहते हैं।आज इसी के चलते पांच दिनों के बाद खुद ही पंचायत के सहयोग से अपने लिए पानी की व्यवस्था ग्रामीणों को करना पड़ी।
